यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में है तो व्यक्ति को कठिन परिश्रम के बाद भी सफलता आसानी से प्राप्त नहीं हो पाती है। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में 12 भाव होते हैं और इन्हीं 12 भावों में सभी नौ ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) विचरण करते हैं। किसी व्यक्ति के जन्म समय पर ग्रहों की जो स्थिति होती है, उसका असर व्यक्ति के पूरे जीवन रहता है।
भारतीय ज्योतिष में कुंडली के अशुभ ग्रहों के दोष दूर करने के सरल तरीके सुझाए गए हैं, जानिए अचूक उपाय | इन उपायों को अपनाने से अशुभ ग्रह भी शुभ फल देते हैं।
१.अगर आपका सूर्य अशुभ है तो पिता की सेवा करें।
२. अगर आपका चंद्र अशुभ है तो मां का आशीर्वाद लें।
३.अगर पिछले जन्म का मां का कर्ज है तो इस जन्म में मंगल अशुभ होगा। मां को मीठा खिलाएं
४.अगर आपका बुध अशुभ है तो बहन व बुआ का आशीर्वाद लें। उन्हें प्रसन्न रखें।
५.गुरु अशुभ है तो समझिए कि पिछले जन्म का मंदिर का ऋण है। अत: मंदिर में सेवा करें। दादा या किसी बजुर्ग की सेवा करें।
६.अगर कुंडली में शुक्र अशुभ है तो समझिए पिछले जन्म का पत्नी का ऋण है। अपनी पत्नी से कभी तेज आवाज में बात न करें। पत्नी का अपमान न करें। उसे गुलाबी वस्तु उपहार में दें।
७.अगर कुंडली में शनि-राहु अशुभ हैं तो है अपने अधीनस्थ लोगों को हमेशा खुश रखें। नौकरों पर गुस्सा न करें।
८.अगर केतु कुंडली में अशुभ है तो पिछले जन्म का पुत्र दोष है। अत: इस जन्म में पुत्र से बैर न रखें। उसे मनचाही वस्तु

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